राष्ट्रीय

पुलिस की अवैध कमाई पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन, SP-ASP का ट्रांसफर, CO समेत 10 सस्पेंड

बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के नरही थाने में ट्रकों से अवैध वसूली के मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रदेश सरकार ने इस मामले में बलिया जिले के एसपी और एएसपी का ट्रांसफर कर दिया है, और नरही क्षेत्र के सीओ समेत 10 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। इन सभी पर आरोप है कि उन्होंने एक ही दिन में ट्रकों से 5 लाख रुपये की अवैध वसूली की थी।

छापेमारी की कार्रवाई
बीते बुधवार-गुरुवार की मध्य रात्रि को यूपी के आजमगढ़ रेंज के DIG वैभव कृष्ण और ADG पीयूष मोर्डिया ने बलिया जिले के नरही थाने के पास भरौली पुलिस चेक पोस्ट पर छापेमारी की। इस दौरान 5 पुलिसकर्मियों को दलालों के साथ ट्रकों से वसूली करते हुए पकड़ा गया। छापेमारी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और 5 में से 3 पुलिसकर्मी मौके से फरार हो गए। बाद में 16 दलालों और 2 पुलिसकर्मियों को हिरासत में लिया गया।

योगी सरकार की कार्रवाई
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने बलिया जिले के एसपी देव रंजन वर्मा और एएसपी दुर्गा शंकर तिवारी के ट्रांसफर के निर्देश दिए। इसके अलावा, नरही इलाके के सीओ शुभ शुचित, थानाध्यक्ष पन्ने लाल, और पुलिस चौकी इंचार्ज राजेश प्रभाकर समेत 10 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया। प्रशासन ने इनकी संपत्ति की विजिलेंस जांच के आदेश भी जारी किए हैं।

अवैध वसूली का खुलासा
छापेमारी के दौरान कांस्टेबल हरदयाल सिंह को गिरफ्तार किया गया, जिसने जानकारी दी कि हर रात चेक पोस्ट से प्रत्येक ट्रक से 500 रुपये की अवैध वसूली की जाती थी। चेक पोस्ट से हर दिन लगभग 1000 ट्रक गुजरते हैं, जिसके अनुसार हर दिन कुल 5 लाख रुपये की अवैध वसूली की जाती थी।

सस्पेंड किए गए पुलिसकर्मी
सस्पेंड किए गए पुलिसकर्मियों में हेड कांस्टेबल चंद्रजीत यादव, औरंगजेब खान, धर्मवीर पटेल, पंकज यादव, ज्ञानचंद, कांस्टेबल परविंद यादव, सतीश गुप्ता, सब इंस्पेक्टर मंगला प्रसाद, हेड कांस्टेबल विष्णु यादव, कांस्टेबल दीपक मिश्रा, बलराम सिंह, उदयवीर, हरिदयाल सिंह, और प्रशांत सिंह शामिल हैं। इस मामले के बाद पुलिसकर्मियों के घरों को भी सील कर दिया गया है।

योगी सरकार की इस सख्त कार्रवाई से पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक स्पष्ट संदेश गया है। बलिया में पुलिसकर्मियों की अवैध कमाई की जांच और सजा की प्रक्रिया ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

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